Khoye huye phone ke bare me pata karne ke 2 tarike hai. Pahle method me aap janenge kaise computer se lost phone track kar sakte hai. Second method me other android device smartphone location janne ka tarika sikhenge. Last me ek aur method bataya jayega jisme Google search se lost phone ka location pata kar sakte hai. Sabse pahle tarike me: khoye huye phone ko dhundne ke liye hum computer ka use karenge. Google android device manager se khoye huye phone ki jankari mil sakti hai. Agar aapne ye app install nahi bhi kiya hai phir bhi aap khoye phone dhund sakte hai. Step by step process jane kaise chori ho gaye phone ka pata kiya jate hai.
Tuesday, 14 March 2017
Friday, 19 February 2016
किसके लिए चैलेंज है यह फोन?
- रिंगिंग बेल्स का प्लान 500 रुपए से कम के और भी स्मार्टफोन मार्केट में उतारने का है। फिलहाल, मार्केट में मौजूद सबसे सस्ता स्मार्टफोन 1,500 रुपए के करीब है।
- पिछले साल डाटाविंड ने एलान किया था कि वह अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के साथ मिलकर दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन 999 रुपए में लॉन्च करेगी। यह फोन अभी मार्केट में नहीं आया है।
- वहीं, इन्हें 4500 से 5000 रुपए के बीच आने वाले लेनोवो A2010 और कार्बन मैक वन टाइटेनियम के लिए भी चैलेंज माना जा रहा है।
- 251 रुपए वाले इस स्मार्टफाेन की स्क्रीन लेनेवाे (4.5 इंच) और कार्बन (4.7 इंच) से छोटी होगी, लेकिन 1.3 गीगा हर्ट्ज क्वाडकोर प्रोसेसर लगभग उतनी ही मजबूती देगा।
2,999 रुपए में 4-जी फोन लॉन्च कर चुकी है रिंगिंग बेल्स।
- हाल ही में रिंगिंग बेल्स ने 2,999 रुपए में 4-जी स्मार्टफोन को मार्केट में लॉन्च किया था।
- इसके अलावा, मार्केट में कंपनी के दो फीचर फोन भी मौजूद हैं।
- पिछले साल डाटाविंड ने एलान किया था कि वह अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के साथ मिलकर दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन 999 रुपए में लॉन्च करेगी। यह फोन अभी मार्केट में नहीं आया है।
- वहीं, इन्हें 4500 से 5000 रुपए के बीच आने वाले लेनोवो A2010 और कार्बन मैक वन टाइटेनियम के लिए भी चैलेंज माना जा रहा है।
- 251 रुपए वाले इस स्मार्टफाेन की स्क्रीन लेनेवाे (4.5 इंच) और कार्बन (4.7 इंच) से छोटी होगी, लेकिन 1.3 गीगा हर्ट्ज क्वाडकोर प्रोसेसर लगभग उतनी ही मजबूती देगा।
2,999 रुपए में 4-जी फोन लॉन्च कर चुकी है रिंगिंग बेल्स।
- हाल ही में रिंगिंग बेल्स ने 2,999 रुपए में 4-जी स्मार्टफोन को मार्केट में लॉन्च किया था।
- इसके अलावा, मार्केट में कंपनी के दो फीचर फोन भी मौजूद हैं।
विवाद 3 : आईफोन से कॉपी करने के दावे
- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रीडम 251 में ज्यादातर बिल्ट अप आइकॉन आईफाेन जैसे दिखते हैं।
- इसका वेब ब्राउजर ऐप एप्पल के सफारी ब्राउजर जैसा नजर आता है जो आईफोन, आईपैड और मैक में होता है।
- इसमें राउंड होम बटन वैसा ही है, जैसा आईफोन में होता है।
- मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फ्रीडम 251 दिल्ली की आईटी इम्पोर्टर कंपनी एडकॉम के एक हैंडसेट की तर्ज पर बना है। एडकॉम कंपनी का फ्रीडम 251 जैसा एक स्मार्टफोन कई ई-रिटेलर कंपनियों की वेबसाइट्स पर करीब 4000 रुपए में लिस्टेड है।
- इसका वेब ब्राउजर ऐप एप्पल के सफारी ब्राउजर जैसा नजर आता है जो आईफोन, आईपैड और मैक में होता है।
- इसमें राउंड होम बटन वैसा ही है, जैसा आईफोन में होता है।
- मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फ्रीडम 251 दिल्ली की आईटी इम्पोर्टर कंपनी एडकॉम के एक हैंडसेट की तर्ज पर बना है। एडकॉम कंपनी का फ्रीडम 251 जैसा एक स्मार्टफोन कई ई-रिटेलर कंपनियों की वेबसाइट्स पर करीब 4000 रुपए में लिस्टेड है।
जवाब में रिंगिंग बेल्स ने क्या गणित बताया?
- रिंगिंग बेल्स के प्रेसिडेंट अशोक चड्ढा ने लॉन्चिंग इवेंट में कहा- "इस साल के आखिर तक हम फ्रीडम-251 स्मार्टफोन का हार्डवेयर भारत में बनाएंगे। बाद में इसे 100 पर्सेंट मेड इन इंडिया कर देंगे।"
- "हम इसके लिए नोएडा और उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट ला रहे हैं। इसकी कॉस्ट 500 करोड़ रुपए और टारगेट कैपिसिटी हर महीने 5 लाख यूनिट की होगी। ऐसे पांच मैन्युफैक्चरिंग सेंटर हम बनाएंगे। लेकिन शुरुआत में हम ढाई लाख ऑर्डर के बाद बुकिंग रोक देंगे।"
- "बिल ऑफ मटीरियल्स के हिसाब से इस स्मार्टफोन की कॉस्ट 2000 रुपए है। भारत में बनाकर हम इसमें से 400 रुपए बचा लेंगे।"
- "ऑनलाइन बेचकर हम इससे 400 रुपए और बचा लेंगे। अगर प्री-ऑर्डर पर नंबर बढ़ेगा तो हम 400 रुपए आैर सेव कर लेंगे।"
- "इसके बाद जब प्लैटफॉर्म बड़ा हो जाएगा तो हम ऐसे प्रोडक्ट्स हाईलाइट करेंगे, जो कस्टमर्स के लिए वैल्यूएबल होंगे।"
- "इससे हमारी सोर्स ऑफ इनकम बढ़ेगी। इसका फायदा हम कस्टमर्स तक पहुंचाएंगे और स्मार्टफोन की कॉस्ट को कंट्रोल करेंगे।"
- कंपनी का कहना है कि वह इस फोन के लिए कोई गवर्नमेंट सब्सिडी नहीं ले रही है, न ही प्रोजेक्ट में सरकार का कोई डिपार्टमेंट शामिल है।
- "हम इसके लिए नोएडा और उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट ला रहे हैं। इसकी कॉस्ट 500 करोड़ रुपए और टारगेट कैपिसिटी हर महीने 5 लाख यूनिट की होगी। ऐसे पांच मैन्युफैक्चरिंग सेंटर हम बनाएंगे। लेकिन शुरुआत में हम ढाई लाख ऑर्डर के बाद बुकिंग रोक देंगे।"
- "बिल ऑफ मटीरियल्स के हिसाब से इस स्मार्टफोन की कॉस्ट 2000 रुपए है। भारत में बनाकर हम इसमें से 400 रुपए बचा लेंगे।"
- "ऑनलाइन बेचकर हम इससे 400 रुपए और बचा लेंगे। अगर प्री-ऑर्डर पर नंबर बढ़ेगा तो हम 400 रुपए आैर सेव कर लेंगे।"
- "इसके बाद जब प्लैटफॉर्म बड़ा हो जाएगा तो हम ऐसे प्रोडक्ट्स हाईलाइट करेंगे, जो कस्टमर्स के लिए वैल्यूएबल होंगे।"
- "इससे हमारी सोर्स ऑफ इनकम बढ़ेगी। इसका फायदा हम कस्टमर्स तक पहुंचाएंगे और स्मार्टफोन की कॉस्ट को कंट्रोल करेंगे।"
- कंपनी का कहना है कि वह इस फोन के लिए कोई गवर्नमेंट सब्सिडी नहीं ले रही है, न ही प्रोजेक्ट में सरकार का कोई डिपार्टमेंट शामिल है।
विवाद 2 : इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन ने स्मार्टफोन की कीमत पर सवाल उठाए
- आईसीए ने कहा कि इस तरह के प्रोडक्ट की बिल ऑफ मटीरियल (बीओएम) वैल्यू 40 डॉलर यानी 2,700 रुपए आती है। यह कॉस्ट तभी आती है, जब इसे सस्ती सप्लाई चेन से खरीदा जाए।
- आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महिंद्रू ने टेलिकॉम मिनिस्टर को लिखे लेटर में कहा कि रिटेल सेल्स के दौरान प्रोडक्ट कॉस्ट में ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन भी जुड़ते हैं। जब इस स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट 4,100 रुपए बैठती है, तो यह 251 रुपए में कैसे बिक सकता है?
- महिंद्रू ने कहा कि यदि ऐसे फोन को ई-कॉमर्स या किसी तरह की सब्सिडाइज्ड सेल पर बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 52-55 डॉलर यानी 3,500-3,800 रुपए बैठती है।
- उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रोडक्ट पर सीधे कोई सब्सिडी नहीं मिली है, तो यह इतने कम रेट पर कैसे बिक सकता है?
- बता दें कि Samsung, Apple, Sony, Lava, Micromax, Karbonn, Motorola और HTC जैसी कंपनियां आईसीए की मेंबर हैं।
- आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महिंद्रू ने टेलिकॉम मिनिस्टर को लिखे लेटर में कहा कि रिटेल सेल्स के दौरान प्रोडक्ट कॉस्ट में ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन भी जुड़ते हैं। जब इस स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट 4,100 रुपए बैठती है, तो यह 251 रुपए में कैसे बिक सकता है?
- महिंद्रू ने कहा कि यदि ऐसे फोन को ई-कॉमर्स या किसी तरह की सब्सिडाइज्ड सेल पर बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 52-55 डॉलर यानी 3,500-3,800 रुपए बैठती है।
- उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रोडक्ट पर सीधे कोई सब्सिडी नहीं मिली है, तो यह इतने कम रेट पर कैसे बिक सकता है?
- बता दें कि Samsung, Apple, Sony, Lava, Micromax, Karbonn, Motorola और HTC जैसी कंपनियां आईसीए की मेंबर हैं।
विवाद 1 : लॉन्चिंग इवेंट में नहीं आए पर्रिकर
- 4 इंच एचडी डिस्प्ले, 1.3 गीगा हर्ट्ज प्रोसेसर और 1 जीबी रैम वाले 251 रुपए के इस फोन की लॉन्चिंग बुधवार को नोएडा में हुई।
- पर्रिकर इसकी लॉन्चिंग में नहीं आए। बीजेपी सांसद मुरली मनोहर जोशी इस इवेंट में शामिल हुए।
- मोबाइल इंडस्ट्री बॉडी इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) का कहना है कि टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को इस मामले की जांच करनी चाहिए।
- आईसीए का कहना है कि सब्सिडी पर सेल के बावजूद इस तरह के स्मार्टफोन की प्राइस 4100 रुपए से कम नहीं हो सकती।
- आईसीए ने इस सस्ते स्मार्टफोन के लॉन्चिंग इवेंट में सीनियर पॉलिटिकल और गवर्नमेंट लीडरशिप को मिले इनविटेशन और नेताओं की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं।
- मोबाइल इंडस्ट्री बॉडी इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन (आईसीए) का कहना है कि टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को इस मामले की जांच करनी चाहिए।
- आईसीए का कहना है कि सब्सिडी पर सेल के बावजूद इस तरह के स्मार्टफोन की प्राइस 4100 रुपए से कम नहीं हो सकती।
- आईसीए ने इस सस्ते स्मार्टफोन के लॉन्चिंग इवेंट में सीनियर पॉलिटिकल और गवर्नमेंट लीडरशिप को मिले इनविटेशन और नेताओं की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए हैं।
एक सेकंड में मिले थे 6 लाख हिट
- यह स्मार्टफोन नोएडा की रिंगिंग बेल्स ने लॉन्च किया है। 30 जून से कंपनी इसकी शिपिंग शुरू कर देगी।
- 251 रुपए के इस स्मार्टफोन के लिए कंपनी ने वेबसाइट से प्री-बुकिंग 18 फरवरी सुबह 6 बजे से शुरू की थी। यह 21 फरवरी शाम 8 बजे तक होनी है।
- हालांकि, गुरुवार सुबह यूजर्स ने वेबसाइट के शुरुआती कुछ घंटे तक क्रैश होने और बाद में ऑर्डर प्लेस नहीं हो पाने की शिकायत की।
- इसके बाद कंपनी ने एक मैसेज पोस्ट किया। इसमें लिखा गया- "हमें अभी एक सेकंड में 6 लाख हिट मिले। इसी के चलते सर्वर ओवरलोडेड हो गया। हम इसकी बुकिंग रोक रहे हैं। सर्विस अपग्रेड करने के बाद 24 घंटे के अंदर इसे दोबारा शुरू करेंगे।"
- इसके बाद दिन में कंपनी के नोएडा में मौजूदा ऑफिस के बाहर लोगों की भीड़ लग गई।
- कंपनी को इतनी भीड़ का अंदाजा नहीं था। दरअसल, इंटरनेट पर फोन की बुकिंग नहीं हो पाने के बाद लोग यहां जमा हुए थे।
- बढ़ती भीड़ को देखते हुए कंपनी ने वहां नोटिस लगा दिया कि ऑफिस में कोई मैन्युअल बुकिंग नहीं हो रही है।
- यह स्मार्टफोन अपनी कॉस्ट के चलते भी विवादों में है। सेल्युलर एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि 4100 रुपए का फोन 251 रुपए में कैसे मिल सकता है।
- हालांकि, गुरुवार सुबह यूजर्स ने वेबसाइट के शुरुआती कुछ घंटे तक क्रैश होने और बाद में ऑर्डर प्लेस नहीं हो पाने की शिकायत की।
- इसके बाद कंपनी ने एक मैसेज पोस्ट किया। इसमें लिखा गया- "हमें अभी एक सेकंड में 6 लाख हिट मिले। इसी के चलते सर्वर ओवरलोडेड हो गया। हम इसकी बुकिंग रोक रहे हैं। सर्विस अपग्रेड करने के बाद 24 घंटे के अंदर इसे दोबारा शुरू करेंगे।"
- इसके बाद दिन में कंपनी के नोएडा में मौजूदा ऑफिस के बाहर लोगों की भीड़ लग गई।
- कंपनी को इतनी भीड़ का अंदाजा नहीं था। दरअसल, इंटरनेट पर फोन की बुकिंग नहीं हो पाने के बाद लोग यहां जमा हुए थे।
- बढ़ती भीड़ को देखते हुए कंपनी ने वहां नोटिस लगा दिया कि ऑफिस में कोई मैन्युअल बुकिंग नहीं हो रही है।
- यह स्मार्टफोन अपनी कॉस्ट के चलते भी विवादों में है। सेल्युलर एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि 4100 रुपए का फोन 251 रुपए में कैसे मिल सकता है।
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