- आईसीए ने कहा कि इस तरह के प्रोडक्ट की बिल ऑफ मटीरियल (बीओएम) वैल्यू 40 डॉलर यानी 2,700 रुपए आती है। यह कॉस्ट तभी आती है, जब इसे सस्ती सप्लाई चेन से खरीदा जाए।
- आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महिंद्रू ने टेलिकॉम मिनिस्टर को लिखे लेटर में कहा कि रिटेल सेल्स के दौरान प्रोडक्ट कॉस्ट में ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन भी जुड़ते हैं। जब इस स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट 4,100 रुपए बैठती है, तो यह 251 रुपए में कैसे बिक सकता है?
- महिंद्रू ने कहा कि यदि ऐसे फोन को ई-कॉमर्स या किसी तरह की सब्सिडाइज्ड सेल पर बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 52-55 डॉलर यानी 3,500-3,800 रुपए बैठती है।
- उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रोडक्ट पर सीधे कोई सब्सिडी नहीं मिली है, तो यह इतने कम रेट पर कैसे बिक सकता है?
- बता दें कि Samsung, Apple, Sony, Lava, Micromax, Karbonn, Motorola और HTC जैसी कंपनियां आईसीए की मेंबर हैं।
- आईसीए के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महिंद्रू ने टेलिकॉम मिनिस्टर को लिखे लेटर में कहा कि रिटेल सेल्स के दौरान प्रोडक्ट कॉस्ट में ड्यूटी, टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल मार्जिन भी जुड़ते हैं। जब इस स्मार्टफोन की रिटेल कॉस्ट 4,100 रुपए बैठती है, तो यह 251 रुपए में कैसे बिक सकता है?
- महिंद्रू ने कहा कि यदि ऐसे फोन को ई-कॉमर्स या किसी तरह की सब्सिडाइज्ड सेल पर बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 52-55 डॉलर यानी 3,500-3,800 रुपए बैठती है।
- उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रोडक्ट पर सीधे कोई सब्सिडी नहीं मिली है, तो यह इतने कम रेट पर कैसे बिक सकता है?
- बता दें कि Samsung, Apple, Sony, Lava, Micromax, Karbonn, Motorola और HTC जैसी कंपनियां आईसीए की मेंबर हैं।
No comments:
Post a Comment