Friday, 19 February 2016

जवाब में रिंगिंग बेल्स ने क्या गणित बताया?

- रिंगिंग बेल्स के प्रेसिडेंट अशोक चड्ढा ने लॉन्चिंग इवेंट में कहा- "इस साल के आखिर तक हम फ्रीडम-251 स्मार्टफोन का हार्डवेयर भारत में बनाएंगे। बाद में इसे 100 पर्सेंट मेड इन इंडिया कर देंगे।"
- "हम इसके लिए नोएडा और उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट ला रहे हैं। इसकी कॉस्ट 500 करोड़ रुपए और टारगेट कैपिसिटी हर महीने 5 लाख यूनिट की होगी। ऐसे पांच मैन्युफैक्चरिंग सेंटर हम बनाएंगे। लेकिन शुरुआत में हम ढाई लाख ऑर्डर के बाद बुकिंग रोक देंगे।"
- "बिल ऑफ मटीरियल्स के हिसाब से इस स्मार्टफोन की कॉस्ट 2000 रुपए है। भारत में बनाकर हम इसमें से 400 रुपए बचा लेंगे।"
- "ऑनलाइन बेचकर हम इससे 400 रुपए और बचा लेंगे। अगर प्री-ऑर्डर पर नंबर बढ़ेगा तो हम 400 रुपए आैर सेव कर लेंगे।"
- "इसके बाद जब प्लैटफॉर्म बड़ा हो जाएगा तो हम ऐसे प्रोडक्ट्स हाईलाइट करेंगे, जो कस्टमर्स के लिए वैल्यूएबल होंगे।"
- "इससे हमारी सोर्स ऑफ इनकम बढ़ेगी। इसका फायदा हम कस्टमर्स तक पहुंचाएंगे और स्मार्टफोन की कॉस्ट को कंट्रोल करेंगे।"
- कंपनी का कहना है कि वह इस फोन के लिए कोई गवर्नमेंट सब्सिडी नहीं ले रही है, न ही प्रोजेक्ट में सरकार का कोई डिपार्टमेंट शामिल है।

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